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जयपुर: आवारा पशु पकड़ने गई नगर निगम टीम पर विवाद, बुजुर्ग घायल – जोशी कॉलोनी में विरोध प्रदर्शन शुरू
जयपुर, 10 अक्टूबर 2025: राजधानी जयपुर की जोशी कॉलोनी में शुक्रवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब नगर निगम की टीम इलाके में आवारा पशुओं को पकड़ने पहुंची। स्थानीय निवासियों ने निगम कर्मचारियों पर अभद्रता और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस झड़प में एक बुजुर्ग व्यक्ति के घायल होने की भी पुष्टि हुई है।
बिना सूचना की कार्रवाई पर भड़के लोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम की टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के पशु पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। लोगों ने आरोप लगाया कि टीम ने जबरदस्ती पशु पकड़ने की कोशिश की और विरोध करने पर मारपीट की गई।
बुजुर्ग घायल, अस्पताल में भर्ती
घटना के दौरान एक वरिष्ठ नागरिक को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। नगर निगम प्रशासन ने घायल बुजुर्ग के इलाज का पूरा खर्च उठाने का भरोसा दिलाया है।
स्थानीय लोगों का धरना प्रदर्शन
घटना के बाद नाराज़ स्थानीय निवासी तालकटोरा के पास धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन निगम बिना पूर्व चर्चा के अचानक कार्रवाई कर रहा है।
पशु प्रबंधन ग्रेटर प्रमुख की कड़ी प्रतिक्रिया
पशु प्रबंधन ग्रेटर के प्रमुख राकेश कालोरिया ने इस घटना की तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं जनता और प्रशासन के बीच अविश्वास की खाई को और गहरा करती हैं। कालोरिया ने सुझाव दिया कि ऐसी कार्रवाई से पहले स्थानीय निवासियों को सूचना देना और जागरूक करना ज़रूरी है, जिससे टकराव की स्थिति से बचा जा सके।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच शुरू
नगर निगम अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। उनका कहना है कि यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पुलिस को मौके पर तैनात किया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे और प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित न हो।
???? निष्कर्ष:
जयपुर जैसे महानगरों में आवारा पशुओं की समस्या गंभीर होती जा रही है, लेकिन इस प्रकार की अराजक कार्रवाइयां स्थिति को और बिगाड़ सकती हैं। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे का समाधान संवाद और समन्वय के जरिए कैसे करता है।


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